शुक्रवार, 11 जुलाई 2014

गुरुवंदन


गुरु द्रोणाचार्य की नगरी में हो रहा आज गुरुवंदन 
इस नंदन का हम करते है अभिनंदन 
यहीं से होगा गुरु चरण वंदन अभियान 
सभी करेंगे अपने-अपने आध्यात्मिक गुरुओं को सम्मानपूर्वक प्रणाम 
गुरु दिखाता है सदा सदमार्ग
ढालता है शिष्यों में सांस्कृतिक संस्कार 
आज पूजेंगे हम गुरुओं के चरणपाद 
तभी मिलेंगा हमें जीवन में उन्नति का प्रसाद 
आज गुरुवंदन कर रहे हम सब लोग 
ताकि सदमार्ग का अनुसरण कर सकें 
भौतिक जीवन का उचित भोग 
उन्हें नहीं सताये मानसिक व शारीरिक रोग
गुरु ही दिखायेगा मार्ग
उन्हें जीवन का कैसे करना है उपयोग |
विद्या का ज्ञान दर्शन करते है गुरु
अच्छी- अच्छी बातें व संस्कार ढालते है गुरु
गुरु ही गुरु ज्ञान के होते हैं पारखी 
शिष्य को ज्ञान राशि देकर बनाते हैं महारथी |
जो गुरुओं का नहीं कर पाते हैं सम्मान 
उन्हें नहीं मिल पाता जीवन में उचित आयाम 
गुरु ज्ञान से ही होता हैं सबका कल्याण 
बिना गुरु के नहीं मिल पाता उचित मुकाम |
आओ आज करें मिल कर हम सब गुरुवंदन 
उनके चरणों में हमारा है अभिनंदन 
गुरु पूर्णिमा पर करें विचारों का मंथन 
सांस्कृतिक विचारों का भी करें हम मनन 
भगवान बुद्ध को भी आज के दिन मिला था ज्ञान 
फिर चल पड़े वे पांच शिष्यों को लेकर 
अष्टमार्ग पर विचारों का करने दान 
उनके कई अनुयायी बनते गये
गुरु ज्ञान से अपनी-अपनी झोली भरते गये |
गुरु पूर्णिमा पर सब करते हैं ज्ञान ध्यान व गंगा स्नान 
गुरु की महिमा तो हैं ईश्वर से भी महान 
गुरु गोविन्द जी ने भी दिलाया गुरुओं को पूर्ण मान व सम्मान 
पूजता हैं उनको आज सम्पूर्ण जहान |

-सावित्री काला 'सवि'

1 टिप्पणी :

  1. सच है हमें वैचारिक मंथन करना ही होगा ..... सादर शुभकामनायें

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